डिजिटल डेस्क, दुबई। संयुक्त अरब अमीरात के अंतरिक्ष यान अमल ने मंगलवार को मंगल ग्रह की कक्षा में प्रवेश कर लिया। अरब दुनिया के पहले इंटरप्लेनेटरी मिशन की इस सफलता के बाद दुबई में यूएई के अंतरिक्ष केंद्र में ग्राउंड कंट्रोलर खुशी से झूम उठे। लगभग सात महीने में 300 मिलियन मील की यात्रा के बाद लाल ग्रह की कक्षा में पहुंचा है।
ऑर्बिटर ने मंगल की कक्षा में दाखिल होने के लिए अपने मुख्य इंजनों को 27 मिनट के लिए फायर किया। इससे स्पेस क्राफ्ट की स्पीड स्लो हो गई और मंगल की ग्रेविटी ने उसे कैप्चर कर लिया। इसके 15 मिनट बाद ऑर्बिटर ने पृथ्वी पर सिग्नल भेजे। मिशन के डायरेक्टर ओमरान श्राफ ने इस मिशन के सफल होने की घोषणा की। इस अंतरिक्ष मिशन को जून 2020 में दक्षिण जापान के तानेगाशिमा स्पेस सेंटर से लॉन्च किया गया था। यह एक मंगल वर्ष यानी 687 दिनों तक उसकी कक्षा में चक्कर लगाएगा।
इस मिशन का मकसद लाल ग्रह के पर्यावरण और मौसम के बारे में जानकारी इकट्ठा करना है। मिशन में ऑर्बिटर (44,000 किलोमीटर x 22,000 किलोमीटर) के ऑर्बिट से ऊपरी वायुमंडल और जलवायु परिवर्तन की स्टडी करेगा। यूएई के इस प्रोजेक्ट की लागत 200 मिलियन डॉलर है, जिसमें लॉन्च शामिल है लेकिन मिशन ऑपरेशन्स नहीं है।
यूएई इस प्रोजेक्ट को अरब के युवाओं के लिए प्रेरणा के स्रोत के रूप में भी पेश करना चाहता है। प्रोजेक्ट मैनेजर ओमरान शराफ ने मिशन के लॉन्च के समय कहा था, ‘यहां संदेश यह है कि अगर यूएई 50 साल से कम समय में मंगल ग्रह पर पहुंच सकता है, तो आप बहुत कुछ कर सकते हैं। उन्होंने कहा था, अंतरिक्ष के बारे में अच्छी बात है, यह वास्तव में उच्च मानकों को निर्धारित करता है।
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